सत्ता में बने रहने के लिए BJP हिंदुओं में डर पैदा करने की कर रही है कोशिश, फारूक अब्दुल्ला ने साधा निशाना

नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पीएम मोदी सत्ता में रहने के लिए हिंदुओं के बीच डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. वह कह रहे हैं कि वे आपके मंगलसूत्र छीन लेंगे और मुसलमानों को पैसे दे दिए जाएंगे.

 
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नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बीजेपी पर सत्ता में रहने के लिए हिंदुओं में भय पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी मुद्दों की बात नहीं कर रही है. उनका उद्देश्य केवल हिंदुओं में भय पैदा करना है. उन्होंने बीजेपी को अगाह किया कि वह बांटो और राज करो की राजनीति से दूर रहे. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार आगा सैयद रूहुल्ला मेहदी के समर्थन में खानयार इलाके में एक रैली को फारूक अब्दुल्ला ने संबोधित किया.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पीएम मोदी सत्ता में रहने के लिए हिंदुओं के बीच डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. वह कह रहे हैं कि वे आपके मंगलसूत्र छीन लेंगे और मुसलमानों को पैसे दे दिए जाएंगे.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पीएम हिंदुओं से कह रहे हैं कि यदि मौजूदा चुनावों के बाद भारत का विपक्षी गुट सत्ता में आता है, तो उनकी बचत पर टैक्स लगाया जाएगा और यदि उनके पास दो घर हैं, तो एक छीन लिया जाएगा और मुसलमानों को दे दिया जाएगा.

हिंदुओं में पैदा कर रहे हैं डर

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे मुसलमानों के प्रति हिंदुओं में नफरत पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे कहते हैं कि मुसलमान अधिक बच्चे पैदा करते हैं. भगवान बच्चे देते हैं. बहुत से लोगों के पास बच्चे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पीएम देश के लोगों के बीच नफरत पैदा करने कर रहे हैं और वह और उनकी पार्टी इसके पूरी तरह से खिलाफ है. पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि वे लगातार झूठ बोल रहे हैं.

बता दें कि फारूक अब्दुल्ला इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य कारणों से वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी अब आम लोगों के उन मुद्दों के बारे में बात नहीं करते हैं, जबकि आम लोगों ने ही साल 2014 में उन्हें प्रधान मंत्री पद तक पहुंचाया था.

अब मोदी मुद्दों की नहीं करते हैं बात

उन्होंने कहा कि जब मोदी 2014 में सत्ता में आये थे, तो उस सयम वह एलपीजी सिलेंडर की कीमत की बात करते थे. उस समय घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 400 रुपये थी. वह मूल्य वृद्धि और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते थे.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि दस साल बीत गए, लेकिन अब वह मुद्दों की बात नहीं करते हैं. अब गैस सिलेंडर की कीमत क्या है? यह अब 1,100 रुपए में मिल रहा है. लगातार डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं. खाना पकाने के तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है. सब्जियों, मटन आदि की कीमतें बढ़ रही है, लेकिन मोदी इस पर कोई बात नहीं करते हैं. जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सभी शीर्ष अधिकारी बाहरी हैं.

हम हिंदुस्तानी मुसलमान हैं, कब इन्हें पता चलेगा?

उन्होंने कहा किक्यों असुरक्षित हैं? कोई भी आपको पकड़ सकता है, दाढ़ी काट रहे हैं, डंडे मार रहे हैं. मैं भी मुसलमान हूं, कब इन्हें पता चलेगा कि हम हिंदुस्तानी मुसलमान हैं. कब इन्हें पता चलेगा कि नफरत इन्होंने भरी है. जब आतंकवाद आसमान था तब हिंदुस्तान को बचाने के लिए यहां कौन था? यहां पर 1996 में चुनाव किसने किया? नेशनल कॉन्फ्रेंस अकेली पार्टी थी, जिसने कहा हम मर जाएंगे और इस रियासत को बचाने की कोशिश करेंगे.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमारे विधायक-मंत्री मारे गए थे. मैं प्रधानमंत्री से एक बात कहना चाहता हूं कि पहले वे बताएं कि वे कुछ लोगों के प्रधानमंत्री हैं या 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं? हमने वोट नहीं दिया है, लेकिन वे हमारे प्रधानमंत्री हैं, लेकिन जो नफरत उन्होंने फैलाई है. इस नफरत से भारत तरक्की नहीं करेगा. जब-तक हम मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारा सबकी इज़्जत नहीं करेंगे. पाकिस्तान से आतंकवाद आ रहा है, कैसे खत्म करेंगे? यह मैं आपको खून से लिखकर देता हूं कि जबतक पाकिस्तान से बातचीत नहीं होगी.