ऋषभ पंत नहीं, संजू सैमसन T20 वर्ल्ड कप में होने चाहिए नंबर-1 विकेटकीपर, फिर मिल गया सबूत

BCCI ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड में संजू सैमसन और ऋषभ पंत के रूप में 2 विकेटकीपर बल्लेबाज चुने हैं. ऋषभ पंत का ये तीसरा टी20 वर्ल्ड कप होगा, जबकि संजू सैमसन तो पहली बार ही किसी आईसीसी इवेंट में टीम इंडिया का हिस्सा होंगे.

 
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टी20 वर्ल्ड कप 2024 के शुरू होने में बस कुछ ही दिन बचे हैं और इस बात को लेकर चर्चा में तेजी आ गई है कि प्लेइंग इलेवन में किन खिलाड़ियों को मौका मिले. रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग कौन करे? टीम में स्पिनर कौन-कौन हों? जसप्रीत बुमराह के साथ तेज गेंदबाजी की कमान किसे मिले? हर सवाल का जवाब आसान नहीं है. ओपनिंग के बाद अगर सबसे मुश्किल सवाल कोई है, तो वो है विकेटकीपर का, जिसमें ऋषभ पंत और संजू सैमसन के बीच टक्कर है. किसे ये जगह मिलनी चाहिए, इसको लेकर हर किसी की अपनी-अपनी राय है लेकिन सैमसन ने अपना दावा बेहद मजबूत कर लिया है और वो इसके सही हकदार नजर आ रहे हैं.

पंत नंबर-1 दावेदार

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 30 अप्रैल को टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्क्वाड का ऐलान किया था, जिसमें विकेटकीपर-बल्लेबाज के रोल के लिए ऋषभ पंत और सैमसन को चुना गया. पंत का ये तीसरा टी20 वर्ल्ड कप होगा, जबकि सैमसन पह पहली बार किसी आईसीसी इवेंट का हिस्सा बनेंगे. दोनों ही खिलाड़ी इस वर्ल्ड कप में अलग-अलग परिस्थितियों के साथ आए हैं. पंत डेढ़ साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद वापसी कर रहे हैं तो सैमसन लगातार अनदेखी के बाद एक बेहतरीन सीजन के दम पर जगह बनाने में सफल रहे हैं.

अभी तक सूत्रों से मिली खबरों के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट ऋषभ पंत को प्लेइंग इलेवन के लिए पहली पसंद बताता रहा है. पंत ने टूर्नामेंट में अभी तक 12 पारियों में 41 की औसत और 156 के दमदार स्ट्राइक रेट से 413 रन बनाए हैं. उन्हें टीम में रखने की वजह अच्छी विकेटकीपिंग और बैटिंग के अलावा उनका बाएं हाथ का बल्लेबाज होना है, जिसकी कमी टीम इंडिया को खलती रही है.

सैमसन ने बताया- वो बेहतर विकल्प

इसके बावजूद आईपीएल 2024 के प्रदर्शन को देखते हुए संजू सैमसन इस बार ज्यादा बेहतर विकल्प नजर आते हैं और इसके कई उदाहरणों में से एक मंगलवार को ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ ही देखने को मिला. सैमसन ने इस मैच में सिर्फ 46 गेंदों में 86 रनों की पारी खेली. खास बात ये थी कि उनकी ये पारी तब आई, जब वो राजस्थान की तीसरी गेंद पर ही क्रीज में उतर आए थे. सैमसन ने काउंटर अटैक करते हुए सिर्फ 16 गेंदों में 41 रन जड़ दिए थे और दिल्ली को शुरुआती सफलता का फायदा नहीं उठाने दिया था.

हालांकि, सैमसन टीम को जीत नहीं दिला पाए और उसमें उनके विवादित तरीके से आउट होने को भी जिम्मेदार माना जा सकता है लेकिन इस हार के बावजूद सैमसन ने दिखाया कि वो फिलहाल ज्यादा तैयार दिखते हैं. उनके पक्ष में जो बात जाती है, उसका जिक्र पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मैथ्यू हेडन ने भी एक चर्चा के दौरान किया. हेडन ने कहा कि इस वक्त संजू का गेम स्पिन और पेस के खिलाफ समान रूप से बेहतरीन है और वो जानते हैं कि इनिंग को कैसे ‘टाइम’ किया जाता है, यानी कैसे रफ्तार दी जाती है.

सैमसन ने दिखाई कंसिस्टेंसी

सैमसन ने इस सीजन में अभी तक 11 पारियों में ही 67 की बेहतरीन औसत और 163 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 471 रन बनाए हैं. इस तरह हर मायने में वो फिलहाल पंत से आगे हैं. सबसे अहम बात ये है कि सैमसन ने इस सीजन में कंसिस्टेंसी यानी रन बनाने के मामले में निरंतरता दिखाई है, जिसके लिए पिछले सीजन तक हर बार उनकी आलोचना होती थी. हालांकि सैमसन ने ये रन तीसरे नंबर पर आकर बनाए हैं लेकिन उनमें वो काबिलियत है कि किसी भी स्थिति में आकर पहली गेंद से ही वो बड़े शॉट्स लगा सकते हैं. खास तौर पर वेस्टइंडीज की धीमी पिचों पर उनकी इस काबिलियत की जरूरत पड़ेगी.